संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) - अंतर्राष्ट्रीय संगठन

 "संयुक्त राष्ट्र संघ का गठन मानवता को स्वर्ग पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि उसे नरक से बचाने के लिए हुआ है।"

                     - डेग हैमरशोल्ड, UNO महासचिव

प्रथम विश्व युद्ध ने दुनिया को इस बात के लिए जगाया की झगड़ों के निपटारे के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन बनाने का प्रयास जरूर किया जाना चाहिए। इसके परिणामस्वरूप 'लीग ऑफ नेशंस' का जन्म हुआ। इसके उत्तराधिकारी के रूप में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के तुरंत बाद हुई।

• संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) की स्थापना

 संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना 24 अक्टूबर 1945 को हुई। संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना के विभिन्न चरण इस प्रकार हैं -

अगस्त 1941 में रूजवेल्ट - चर्चिल द्वारा अटलांटिक चार्टर पर हस्ताक्षर किए।

• धुरी शक्तियों के खिलाफ लड़ रहे 26 मित्र राष्ट्र अंटलाटिक चार्टर के समर्थन में वाशिंगटन में मिले और दिसंबर 1943 में यूएनओ की घोषणा पर हस्ताक्षर हुए।

फरवरी 1945 में रुजवेल्ट, चर्चिल, स्टालिन द्वारा याल्ट सम्मेलन में UN सम्मेलन का निर्णय और अप्रैल-मई 1945 में सैन फ्रांसिस्को में सम्मेलन।

26 जून 1945 को संयुक्त राष्ट्र संघ चार्टर पर 50 देशों के हस्ताक्षर और 15 अक्टूबर को पोलैंड ने हस्ताक्षर किए। इस तरह 51 देश मूल संस्थापक सदस्य थे। भारत 30 अक्टूबर 1945 को यूएनओ में शामिल हुआ था।

24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना। 24 अक्टूबर संयुक्त राष्ट्र संघ दिवस। संयुक्त राष्ट्र (UN) नाम अमेरिकी राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने दिया था।

• संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय - संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय न्यूयॉर्क (अमेरिका) में स्थित है।

• संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रतीक - विश्व का मानचित्र जिसके चारों तरफ जैतून की पत्तियां है, जो शांति का संकेत करती है। यह प्रतीक अक्टूबर 1947 में बनाया गया।

संयुक्त राष्ट्र संघ ध्वज
संयुक्त राष्ट्र ध्वज (स्त्रोत -Wikipedia)
• संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य देश - 193
• संयुक्त राष्ट्र संघ की आधिकारिक भाषाएं - अंग्रेजी, फ्रांसीसी, रूसी, स्पेनी, अरबी, चीनी। 1973 में अरबी और स्पेनी भाषाए शामिल की गई।

• संयुक्त राष्ट्र संघ का चार्टर - संयुक्त राष्ट्र संघ के चार्टर में कुल 19 अध्याय हैं तथा 111 अनुच्छेद हैं।

• संयुक्त राष्ट्र संघ लाइब्रेरी - हैमरशोल्ड लाइब्रेरी।

• संयुक्त राष्ट्र संघ के गठन का उद्देश्य -

1. युद्धों को रोकना

2. मानव अधिकारों की रक्षा करना

3. अंतर्राष्ट्रीय कानून लागू करना

4. सामाजिक और आर्थिक विकास

5. जीवन स्तर को सुधारना

6. विश्व शांति स्थापित करना

• संयुक्त राष्ट्र संघ की संरचना -

 संयुक्त राष्ट्र संघ के कुल 5 अंग है -

1. आम सभा /महासभा - (अध्याय - 4)

संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम बैठक अक्टूबर 1952 में हुई थी। महासभा 7 समितियों के माध्यम से कार्य करती है। महासभा में ज्यादातर सदस्य देश विकासशील हैं।

• सभी 193 सदस्य देश महासभा के सदस्य होते हैं।

• आम सभा / महासभा का अधिवेशन सितंबर के तीसरे मंगलवार को आयोजित होता है। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की व्यवस्थापिका है। जिसे विश्व की लघु संसद भी कहा जाता है।

• प्रत्येक सदस्य 5 प्रतिनिधि भेज सकता है। परंतु मत गणना एक ही होगा।

• महासभा शांति, निशस्त्रीकरण, आर्थिक विकास, परमाणु शक्ति का शांतिमय उपयोग, सामाजिक प्रगति, मानव अधिकार आदि विषयों पर विचार करती है। अवशिष्ट उत्तरदायित्व शांति और सुरक्षा।

• महासभा में प्रमुख निर्णयों के लिए दो तिहाई और अन्य में सामान्य बहुमत की आवश्यकता होती है।

• सुरक्षा परिषद के आव्हान पर महासभा की विशेष आपात बैठक बुलाई जा सकती है।

महासभा अध्यक्ष - अपने ही सदस्यों में से 1 वर्ष के लिए अध्यक्ष चुना जाता है। तथा 13 उपसभापति चुने जाते हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ का बजट - घोषणा पत्र के अनुच्छेद 17 के अनुसार बजट का अनुमोदन हर दूसरे वर्ष महासभा के महासचिव द्वारा पेश किया जाएगा।

• सुरक्षा परिषद की संस्तुति के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीश, नए देशों को सदस्यता, महासचिव की नियुक्ति, बजट पारित करना आदि महासभा के कार्य हैं।

• महासभा को संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख अंग आर्थिक और सामाजिक परिषद पर स्पष्ट निरीक्षणात्मक शक्तियां प्राप्त हैं।

"महासभा एक गपशप की दुकान है।" - एचडी निकोलस ने कहा था।

"शांति के लिए एकता प्रस्ताव" - 3 नवंबर 1950 को महासभा की शक्ति में वृद्धि का प्रस्ताव कोरिया संकट (1950) के कारण आया। इस प्रस्ताव के अनुसार सुरक्षा परिषद के सदस्य वीटो के कारण कोई कार्यवाही न कर सके तो महासभा कार्यवाही हेतु सिफारिश कर सकती है। अर्जेंटीना और भारत ने इस प्रस्ताव के मतदान में भाग नहीं लिया।

• संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा ने 1977 में "हिंद महासागर - शांति का क्षेत्र" का प्रस्ताव पारित किया।

2. सुरक्षा परिषद - (अध्याय - 5)

• सुरक्षा परिषद की सदस्य संख्या - 15 (10अस्थाई और 05 स्थाई)1965 से पहले यह संख्या 11 थी।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक सामान्यतः 15 दिनों में कम से कम एक बार होती है। सत्र हमेशा चलता रहता है।

• सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र संघ की कार्यपालिका है तथा इसे दुनिया का पुलिस मैन भी कहा जाता है।

सयुंक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्य देश - अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन। अस्थाई सदस्यों का चुनाव महासभा द्वारा सदस्य देशों में से ही 2 वर्ष के लिए किया जाता है। कोई भी देश लगातार दूसरी बार सदस्य नहीं चुना जा सकता।

• सुरक्षा परिषद का सभापति सदस्य देशों में से ही अंग्रेजी वर्णमाला क्रम के अनुसार हर माह बदलता रहता है।

• सुरक्षा परिषद महासभा के साथ मिलकर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करता है। नए सदस्यों का प्रवेश, पुराने सदस्यों का निष्कासन या निलंबन और महामंत्री की नियुक्ति भी सुरक्षा परिषद की सिफारिश के आधार पर ही होता है।

• संयुक्त राष्ट्र संघ प्रसंविदा के अंतर्गत महासभा और सुरक्षा परिषद के कार्यों के बीच कोई स्पष्ट सीमा रेखा नहीं है।

• अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना सुरक्षा परिषद का प्राथमिक उत्तरदायित्व है। सुरक्षा परिषद का निर्णय सभी देशों पर बाध्यकारी है। आक्रमणों को रोकने हेतु शांतिमय उपाय करना, आवश्यकता हो तो सैन्य कार्रवाई भी कर सकती है। अनुच्छेद 42 के अनुसार जब शांतिपूर्ण तरीके से कोई विवाद हल नहीं होता तो सुरक्षा परिषद सैनिक कार्यवाही की सिफारिश करती है।

सुरक्षा परिषद के सहायक निकाय - सैन्य समिति, अपराध न्यायाधिकरण, शांति अभियान एवं मिशन।

IAEA - स्थापना 1957 में वियना में हुई आमसभा और सुरक्षा परिषद के प्रति उत्तरदाई है।

• स्थाई सदस्यों द्वारा वीटो पावर का सर्वाधिक प्रयोग रूस एवं सबसे कम चीन द्वारा किया गया।

3. आर्थिक और सामाजिक परिषद् - (अध्याय -10)

आर्थिक और सामाजिक परिषद् के सदस्य देश - 57

• आर्थिक और सामाजिक परिषद के सदस्यों का चुनाव महासभा द्वारा 3 वर्ष के लिए किया जाता है। एक तिहाई सदस्य प्रति वर्ष पदमुक्त हो जाते हैं। सदस्यों का पुनः निर्वाचन हो सकता है।

• अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य एवं शैक्षिक विषयों पर अध्ययन प्रतिवेदन और अभिप्रस्ताव प्रस्तुत करना, मानव अधिकारों एवं मौलिक स्वाधीनता के लिए समान भाव की अभिवृद्धि एवं सर्वत्र उनका पालन करवाना आर्थिक और सामाजिक परिषद का मुख्य कार्य है।

• आर्थिक और सामाजिक परिषद महासभा के प्रति उत्तरदाई है। आर्थिक और सामाजिक परिषद को गाड़ी का पांचवा पहिया भी कहा जाता है

आर्थिक और सामाजिक परिषद से संबंध संगठन - विश्व व्यापार संगठन, जिनेवा (1995), औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) जिनेवा, आर्थिक आयोग, आर्थिक और सामाजिक आयोग।

• आर्थिक और सामाजिक परिषद की बैठक वर्ष में दो बार, अप्रैल में न्यूयॉर्क में, जुलाई में जिनेवा में होती है। इस परिषद के निर्णय साधारण बहुमत से लिए जाते हैं। प्रत्येक सदस्य देश का एक ही प्रतिनिधि होता है। यूनिसेफ (न्यूयॉर्क) की एक संस्था है।

4. अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय - (अध्याय -14)

संयुक्त राष्ट्र अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की स्थापना 3 अप्रैल 1946 को हुई थी। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय चार्टर में 5 अध्याय और 70 अनुच्छेद हैं।

• अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय - हेग (नीदरलैंड) में है।

• अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या - 15

• न्यायाधीशों का निर्वाचन - सुरक्षा परिषद की संस्तुति के आधार पर महासभा द्वारा 9 वर्ष के लिए किया जाता है। प्रत्येक 3 वर्ष बाद पांच न्यायधीश अवकाश ग्रहण करते हैं। कोई भी दो न्यायाधीश एक ही देश के नहीं हो सकते। न्यायाधीश अपने में से ही एक अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को 3 वर्ष के लिए चुनते हैं। 9 वर्ष बाद न्यायाधीश पुनः निर्वाचन के लिए योग्य समझे जाते हैं। न्यायालय के सभापति को निर्णायक मत देने का अधिकार होता है।

• अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्णय बहुमत द्वारा लिए जाते हैं। कम से कम 9 सदस्य उपस्थित होना अनिवार्य है।

5. सचिवालय - (अध्याय - 15, अनुच्छेद 97 से 101)

संयुक्त राष्ट्र सचिवालय का मुख्यालय न्यूयॉर्क में स्थित है। नित्य प्रतिदिन के कार्यों को करने के लिए सचिवालय की स्थापना की गई। सचिवालय का प्रधान महासचिव होता है, जिसकी नियुक्ति सुरक्षा परिषद की सलाह पर महासभा द्वारा 5 वर्ष के लिए की जाती है। महासचिव को लगातार पुनः भी चुना जा सकता है।

• संयुक्त राष्ट्र संघ चार्टर में महासचिव की समय अवधि के बारे में नहीं बताया गया है। संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यों के संबंध में वार्षिक तथा पूरक प्रतिवेदन महासभा को प्रस्तुत करता है। सचिवालय, सुरक्षा परिषद का ध्यान शांति विषयों पर खतरा होने पर दिलाता है।

• प्रन्यास परिषद - संयुक्त राष्ट्र संघ की न्यासिता प्रणाली के अंतर्गत आने वाली अंतिम ट्रस्ट टेरिटरी पलाऊ के आजाद होने के साथ ही 1 नवंबर 1994 से प्रन्यास परिषद को स्थगित कर दिया गया।

* नीदरलैंड के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के अतिरिक्त सभी अंग संयुक्त राष्ट्र संघ के न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में ही हैं।

• UNO स्टाफ कॉलेज - अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के प्रशिक्षण केंद्र कैंप्स के साथ तुरिन (इटली) में स्थापित किया गया है।

• अमेरिका ने वीटो का उपयोग सर्वप्रथम 1971 में रोडेशिया के प्रश्न पर तथा चीन ने 1972 में बांग्लादेश के विश्व संस्था में प्रवेश के प्रश्न पर किया।

* विटो शब्द का संयुक्त राष्ट्र संघ चार्टर में कहीं भी उल्लेख नहीं है। अनुच्छेद 27 के अनुसार मतदान प्रणाली का उल्लेख है। प्रक्रिया संबंधी मामलों में 9 सदस्यों के स्वीकारात्मक मत तथा महत्वपूर्ण एवं प्रमुख मामलों में 9 सदस्यों के बहुमत में पांच स्थाई सदस्यों की सहमति आवश्यक है। यह महाशक्तियों के सर्वसम्मति के सिद्धांत पर आधारित है। किसी बड़े राज्य की मतदान में अनुपस्थिति निषेधाधिकार नहीं माना जाएगा।

• आमसभा से संबंधित संगठन/ निकाय /समितियां -

* सचिवालय, सुरक्षा परिषद, आर्थिक और सामाजिक परिषद

* सहायक निकाय - समितियां और तदर्थ निकाय

* संबंध संगठन - IAEA (वियना)

* OPCW - रासायनिक हथियारों पर निषेध के लिए संगठन

* शोध और प्रशिक्षण संस्थान - सामाजिक विकास के लिए शोध संस्थान (UNRISD)

* कार्यक्रम और कोष - व्यापार एवं विकास सम्मेलन, जिनेवा (UNCTAD), पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) नैरोबी, विकास कार्यक्रम (UNDP), बालकोष (UNICEF) न्यूयॉर्क, जनसंख्या कोष (UNFPA), शरणार्थी उच्चायोग (UNHCR) जिनेवा, विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP)

अन्य - मानवाधिकार उच्चायोग (UHCHR), संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय (UNU), एचआईवी एड्स कार्यक्रम (UNAIDS)

* विशेष एजेंसियां (बिना वित्तीय सहायता के) -

* अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO), जिनेवा - यह प्रथम विशेष संगठन है जो संयुक्त राष्ट्र संघ से जुड़ा है

* खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO), रोम

* संयुक्त राष्ट्र संघ शैक्षणिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन, पेरिस (UNESCO)

* विश्व स्वास्थ्य संगठन, जिनेवा (WHO)

* अंतर्राष्ट्रीय मौसम विज्ञान संगठन, जिनेवा (IMO)

* अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ, जिनेवा (ITU)

* अंतर्रष्ट्रीय मुद्रा कोष, वाशिंगटन (IMF)

संयुक्त राष्ट्र संघ के सालाना बजट में सर्वाधिक योगदान वाले 10 सदस्य देश - अमेरिका (सर्वाधिक), जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, कनाडा, स्पेन, चीन।

• संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव -

1. ट्राइग्व ली (1946 से 52) नार्वे - कश्मीर मामले में युद्ध विराम के लिए प्रयास किया।

2. बेग हैमरशोल्ड (1953 से 61) स्वीडन - स्वेज नहर, अफ्रीका के अनौपनिवेशीकरण, कांगो संकट हेतु कार्य। मरणोपरांत नोबेल शांति पुरस्कार मिला।

3. यू थांट (1961 से 71) बर्मा (म्यांमार) - शिक्षक और राजनयिक थे। क्यूबा मिसाइल संकट, कांगो संकट का समाधान, साइप्रस में संयुक्त राष्ट्र संघ शांति सेना बहाल की।

4. कुर्त वाल्डहीम (1972 से 81) ऑस्ट्रिया - नामीबिया और लेबनान समस्या समाधान के प्रयास किए, बांग्लादेश में राहत अभियान की देखरेख की।

5. जेवियर पेरेज द कूइयार (1982 से 91) पेरू - साइप्रस, अफगानिस्तान और अल सल्वाडोर में शांति स्थापना के प्रयास किए। नामीबिया की आजादी के लिए मध्यस्था की।

6. बुतरस बुतरस घाली (1992 से 1996) - सबसे कम 4 वर्ष तक रहने वाले महासचिव। 'एन एजेंडा फॉर पीस' नामक रिपोर्ट जारी की। मोजांबिक में यूएनओ का सफल अभियान चलाया, बोस्निया, सोमालिया, रवांडा में UNO की असफलता के आरोप।

7. कोफी-ए-अन्नान (1997 से 2006) घाना - एड्स, टीबी और मलेरिया से लड़ने के लिए वैश्विक कोष बनाया, अमेरिकी नेतृत्व में इराक पर हमले को अवैध करार दिया, 2005 में मानवाधिकार परिषद एवं शांति संस्थापक आयोग की स्थापना की, 2001 का शांति का नोबेल पुरस्कार दिया गया।

8. बान की मून (2007 से 2016) दक्षिण कोरिया - 1971 के बाद ये पहले एशियाई महासचिव हैं।

9. एंटोनियो गुटेरेस (2016 से लगातार) पुर्तगाल - सयुंक्त राष्ट्र संघ द्वारा 18 जून 2021 को एंटोनियो गुटेरेस को फिर महासचिव के पद के लिए सर्वसम्मति से चुन लिया गया है। एंटोनियो गुटेरेस का दूसरा कार्यकाल जनवरी 2022 से शुरू होगा और वे इस पद पर 31 दिसंबर 2026 तक रहेंगे।

• भारत और संयुक्त राष्ट्र संघ -

* भारत संयुक्त राष्ट्र संघ के एजेंडे में विकास का मामला प्रमुख मानता है।

* भारत सुरक्षा परिषद का विस्तार करके ज्यादा प्रतिनिधिमूलक बनाने के पक्ष में है।

* भारत की बढ़ती हुई आर्थिक ताकत और स्थिर राजनीतिक व्यवस्था सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता के प्रस्ताव को मजबूती प्रदान करता है।

* भारत ने सामूहिक सुरक्षा हेतु संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रथम शांति सेना में चिकित्सा बटालियन के रूप में कार्य किया।

* भारत अब तक 9 बार सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य रह चुका है।

* 1968 में अंकटाड का द्वितीय सम्मेलन भारत में आयोजित किया गया।

* डॉ. राधाकृष्णन एवं मौलाना अबुल कलाम आजाद यूनेस्को के सर्वोच्च पद पर रह चुके हैं।

* महासभा की प्रथम महिला सभापति श्रीमती विजयलक्ष्मी पंडित 1953 में चुनी गई।

* डॉ. होमी जहांगीर भाभा अणुशक्ति के शांतिमय उपयोग के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष नियुक्त हुए।

* मेजर जनरल रिखी ने महासचिव के सैनिक सलाहकार का पद संभाला तथा जनरल थिमैया ने साइप्रस और ज्ञानी ने गाजा में संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के कमांडर पद के दायित्व का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

* कोरिया, कांगो, सोमालिया की समस्या पर भारत ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। नामिबिया की स्वतंत्रता के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रस्ताव रखा।

* अटल बिहारी वाजपेई ने राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण दिया।

* अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में डॉ नगेन्द्र सिंह (मुख्य न्यायाधीश) तथा बी एन राव, आर एस पाठक और दलबीर सिंह भंडारी न्यायाधीश रहे हैं।

• संयुक्त राष्ट्र संघ का सतत विकास कार्यक्रम (UNCDP) -

भुखमरी, गरीबी, असमानता, जल, ऊर्जा प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन जैसे 169 विशिष्ट लक्ष्यों को हासिल करने के आगामी 15 वर्षों अर्थात 2030 तक सभी सदस्य देशों ने सहमति जताई है। 17 गैर बाध्यकारी निर्धारित लक्ष्य जो 15 वर्ष पहले दुनिया के नेताओं द्वारा अपनाए गए आठ सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्यों का स्थान लेगा।

"ट्रांसफॉर्मिंग अवर वर्ल्ड : द 2030 एजेंडा फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट" समझौता सितंबर 2015 में UNO शिखर सम्मेलन में अपनाया था।

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