स्वतंत्रता का अर्थ एवं परिभाषा

स्वतंत्रता की अवधारणा Concept of Liberty in hindi, Liberty Meaning

स्वतंत्रता का शाब्दिक अर्थ (Liberty Meaning) - स्वतंत्रता शब्द अंग्रेजी रूपांतरण 'लिबर्टी' (Liberty) लेटिन भाषा के लीबर (Liber) शब्द से निकला है जिसका अर्थ होता है - 'बंधनों का अभाव' Absence of Restraint.
स्वतंत्रता का अर्थ परिभाषा, Liberty Meaning
Meaning And Definition of Liberty

* स्वतंत्रता का अर्थ Liberty Meaning

 इच्छा अनुसार कार्य करने की स्वतंत्रता है ,परंतु स्वतंत्रता का यह अर्थ ठीक नहीं है।' Barker के अनुसार - " जिस प्रकार बदसूरती का न होना खूबसूरती नहीं है उसी प्रकार बंधनों का अभाव भी स्वतंत्रता नहीं है।"
* अर्नेस्ट बार्कर ने ''parincipls of social and political theory" (सामाजिक और राजनीतिक सिद्धांत तत्व 1951) के अंतर्गत स्वतंत्रता के नैतिक आधार पर विशेष बल दिया है। उसने अपनी चर्चा का आरंभ जर्मन दार्शनिक इमैनुएल कांंट कि इस स्वयं सिद्धि से किया है कि 'विवेकशील प्रकृति अपने आप में साध्य है'।
अरस्तु ने दास प्रथा का समर्थन इस आधार पर किया था कि कुछ मनुष्य 'विवेकशील प्रकृति' की श्रेणी में नहीं आते ; वे केवल जीते जागते उपकरण (Living Tools) होते हैं, इसलिए वे स्वतंत्रता के अधिकारी नहीं। यूरोपीय चिंतन में शताब्दियों तक यह मान्यता प्रचलित रही।
हॉब्स मानते हैं कि राज्य की सत्ता के सारे लाभ तभी उठाए जा सकते हैं जब व्यक्ति की स्वतंत्रता को अत्यंत सीमित कर दिया जाए। उसका मुख्य सरोकार कानून और व्यवस्थापक राज्य (Law and Order State) से है ; उसने व्यक्ति की स्वतंत्रता को गौण माना है। यही कारण है कि हॉब्स (Hobbes) को पूर्णसत्तावाद (Absolutism) का प्रवर्तक माना जाता है। इसके विपरीत जॉन लॉक और जे एस मिल जैसे दार्शनिक यह तर्क देते हैं कि व्यक्ति की स्वतंत्रता को सार्थक बनाने के लिए राज्य की सत्ता को यथासंभव सीमित करना जरूरी है।
* स्वतंत्रता का सारभूत अर्थ (Liberty Meaning) यह है कि विवेकशील कर्त्ता को जो कुछ सर्वोत्तम प्रतीत हो, वही कुछ करने में वह समर्थ हो और उसके कार्यकलाप बाहर के किसी प्रतिबंध से न बंधे हो।

स्वतंत्रता के अर्थ Meaning of Liberty

* औपचारिक दृष्टि से विवेकशील कर्ता के लिए स्वतंत्रता की मांग प्रतिबंधों के अभाव के रुप में की जाती है।
* लोग अपनी रचनात्मक और क्षमताओं का विकास कर सकें।
* व्यक्ति अपने विवेक और निर्णय की शक्ति का प्रयोग कर पाते हैं।
 * व्यक्ति अपने हित संवर्धन न्यूनतम प्रतिबंधों के बीच ही करने में समर्थ होता है।
* प्रतिबंधों का न होना स्वतंत्रता का केवल एक पहलू है।
* स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक सरकार जरूरी है ।
* सामाजिक व आर्थिक असमानता के कारण स्वतंत्रता पर कुछ प्रतिबंध हो सकते हैं।
* स्वतंत्रता हमारे विकल्प चुनने के सामर्थ्य और क्षमताओं में छुपी होती है।
* अनुचित नियंत्रणों की अनुपस्थिति ।
* स्वतंत्रता सत्य की प्राप्ति का साधन नहीं वरन सर्वोच्च साधन है।
* उच्छृंखलता की स्थिति को स्वतंत्रता नहीं कहा जा सकता है।
* बंधनों के अभाव का तात्पर्य है - राज्य का अपने कार्य क्षेत्र से वापस मुड़ना और राजनीतिक सत्ता के क्षेत्र में कम से कम हस्तक्षेप करना ।
* अनुचित प्रतिबंधों के स्थान पर उचित प्रतिबंधों की व्यवस्था ।
* स्वतंत्रता में बंधनों का अभाव निहित नहीं है।

स्वतंत्रता की परिभाषा Definition of Liberty

रूसो = "आम सहमति का अर्थ ही स्वतंत्रता है।"
पोलार्ड = "स्वतंत्रता का निवास समानता में है।"
मैकेंजी = "अनुचित स्थान पर उचित पाबंदियों की स्थापना ।"
लास्की = औचित्यपूर्ण अवसरों की उपस्थिति के रूप में
लास्की = " स्वतंत्रता उस वातावरण को बनाए रखना है , जिसमें व्यक्ति को जीवन का सर्वोत्तम विकास करने की सुविधा प्राप्त हो।"
पोलार्ड = "स्वतंत्रता का केवल एक ही समाधान है और वह समानता में निहित है स्वतंत्रता के बिना समानता कुछ लोगों की उच्छृंखलता में बदल जाती है।"
LT Hob House =" एक व्यक्ति की निरंकुश स्वतंत्रता का अर्थ होगा कि बाकी सब घोर पराधीनता की बेड़ियों में जकड़े जाएं।''
 हॉब्स = स्वतंत्रता को बाहरी बाधाओं की अनुपस्थिति के रूप में ।
हॉब्स ने लेवियाथन (Leviathan) में स्वतंत्रता को 'विरोध की अनुपस्थिति' के रूप में परिभाषित किया है। 1789 में फ्रांस की क्रांति की मानवीय अधिकार घोषणा में कहा गया है कि स्वतंत्रता वह सब कुछ करने की शक्ति का नाम है जिससे दूसरे व्यक्तियों को आघात ने पहुंचे।
जे एस मिल ="अपनी भलाई के लिए दूसरों को स्वतंत्रता से वंचित नहीं करना या बाधा नहीं डालना।"
* जे एस मिल (J.S.Mill) ने स्वतंत्रता को मानव जीवन का मूल आधार माना है
* टी एच ग्रीन (T.H.Green) = "जिस प्रकार सौंदर्य कुरूपता के अभाव का ही नाम नहीं होता उसी प्रकार स्वतंत्रता प्रतिबंधों के अभाव का ही नाम नहीं है।"
* लॉक (Locke) स्वतंत्रता को ही संपत्ति मानता है।
* लास्की (Laski) = "स्वतंत्रता एक सकारात्क वस्तु है जिसका अर्थ केवल बंधनों का अभाव नहीं है।"
* बार्कर = "खोखली स्वतंत्रता और सैद्धांतिक व्यक्तिवाद का अग्रदूत था।"
* कांट (kant) = "स्वआरोपित कर्तव्य भावना के परम आदेशों का पालन ही स्वतंत्रता है।"
* रूसो = "जो लोग स्वतंत्र होने से इंकार करेंगे उन्हें बलपूर्वक स्वतंत्र किया जाएगा।"
* रूसो = "स्वतंत्रता को छोड़ना मनुष्यता को छोड़ना है मनुष्यता के अधिकारों और कर्तव्यों को दे देना है।"
* अर्नेस्ट बार्कर (Arnest barker) - के अनुसार - " स्वतंत्रता बाधाओं का अभाव नहीं अपितु सुविधाओं की उपस्थिति है।''
* रूसो (Rousseau) = सामान्य इच्छा की अधीनता को यथार्थ स्वतंत्रता मानता है उसके अनुसार "मनुष्य स्वतंत्र पैदा हुआ है किंतु सर्वत्र जंजीरों से जकड़ा है।"
* सिले (sile) = " स्वतंत्रता अति शासन का विलोम है।''
* सुकरात (Sukrat) = कानूनों का पालन करने को ही स्वतंत्रता मानते थे।
* मोंटेस्क्यू (Montesquieu) -- स्वतंत्रता के अतिरिक्त शायद ही कोई ऐसा शब्द हो जिसके इतने अधिक अर्थ होते हो और जिसने नागरिकों के मस्तिष्क पर इतना अधिक प्रभाव डाला हो।
* मध्ययुग (middle age) में स्वतंत्रता का अर्थ आत्मा (soul) की स्वतंत्रता तथा मुक्ति को माना गया है इस युग में यह मान्यता प्रबल हुई कि धर्म (religion) का पालन करने से ही मुक्ति संभव है।
* आधुनिक युग (Modern Age) में स्वतंत्रता की धारणा बहुमुखी हो गई है।एक्विनास, मैकियावेली, हाब्स व लॉक आदि विचारकों ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर बल दिया।
* स्वतंत्रता का सबसे व्यापक अर्थ यह होगा कि मनुष्य केवल मूर्त प्रतिबंध से ही नहीं बल्कि किसी भी तरह की व्यवस्था से ग्रस्त नहीं हो ताकि वह जो कुछ सर्वोत्तम समझता है उसे करने में कोई बाधा न अनुभव करें।
* स्वतंत्रता मानवीय प्राप्ति और सामाजिक जीवन के दो विरोधी तत्वों ( बंधनों का अभाव और नियमों के पालन ) में सामंजस्य का नाम है।
* उपयुक्त तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि स्वतंत्रता व्यक्ति को अपनी इच्छा अनुसार कार्य करने की शक्ति (power) का नाम है बशर्ते कि इससे दूसरे व्यक्ति की इसी प्रकार की स्वतंत्रता में कोई बाधा नहीं पहुंचे।
* स्वतंत्रता नियम और व्यवस्था की मांग करती है क्यों ? चलिए देखते हैं एक example के माध्यम से - यदि चोर की स्वतंत्रता दूसरे का माल चुरा लेने में निहित हो तो इसे स्वतंत्रता कहना एक मजाक होगा। यदि सड़क पर गाड़ी चलाने वाले की स्वतंत्रता जिधर भी चाहे जितनी रफ्तार से गाड़ी चलाने या मोड़ देने में निहित हो तो अन्य यात्रियों की स्वतंत्रता ही नहीं छिन जाएगी, उनके जान माल को भी खतरा पैदा हो जाएगा।
LT हॉबहाउस (the aliment of social justice सामाजिक न्याय के मूल तत्व 1922) के शब्दों में, 'एक व्यक्ति की निरंकुश स्वतंत्रता का अर्थ यह होगा कि बाकी सब घौर पराधीनता की बेड़ियों से जकड़े जाएंगे। अतः दूसरी ओर देखा जाए तो सबको स्वतंत्रता (liberty) तभी प्राप्त हो सकती है जब सब पर कुछ न कुछ प्रतिबंध लगा दिए जाएं।"
यही कारण है कि स्वतंत्रता नियम (rule) और व्यवस्था (order) की मांग करती है।

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