उत्तर-व्यवहारवाद क्या है (Post-Behaviorism)

• उत्तर-व्यवहारवाद से आप क्या समझते हैं ?  What do you understand Post-Behaviorism? इस आर्टिकल में आप जानेंगे उत्तर-व्यवहारवाद क्या है और उत्तर-व्यवहारवाद की विशेषताएं, उत्तर-व्यवहारवाद के जनक तथा इस पूरे आर्टिकल को पढ़ने के बाद आप जान पाएंगे की व्यवहारवाद और उत्तर-व्यवहारवाद में अंतर क्या है। उत्तर-व्यवहारवाद  राजनीति विज्ञान के व्यवहारवाद की जहां कुछ …

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राजनीति विज्ञान : परंपरागत और आधुनिक / समकालीन दृष्टिकोण

राजनीतिक विज्ञान के सिद्धांत : परंपरागत और आधुनिक / समकालीन दृष्टिकोण Political Science Theory : Traditional and Modern/Contemporary Approaches इस आर्टिकल में राजनीतिक विज्ञान के परंपरागत दृष्टिकोण और आधुनिक या समकालीन दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की गई है। राजनीति विज्ञान – परंपरागत और आधुनिक दृष्टिकोण • राजनीतिक विज्ञान का परंपरागत दृष्टिकोण Traditional Approaches of political science …

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निकोलो मैकियावेली (Niccolo Machiavelli) – अपने युग का शिशु

निकोलो मैकियावेली (Niccolo Machiavelli) - अपने युग का शिशु

• निकोलो मैकियावेली का जीवन परिचय Machiavelli’s life introduction निकोलो मैकियावेली का जन्म इटली के फ्लोरेंस नामक नगर में 1469 ई. में हुआ। फ्लोरेंस उस समय नवजागरण का मूल केंद्र था। मैकियावेली को अपने युग का शिशु कहा जाता है। आरंभिक शिक्षा दीक्षा के उपरांत 25 वर्ष की अवस्था में मैकियावेली का राजनीतिक जीवन प्रारंभ हुआ। …

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[Aurobindo Ghosh] अरविंद घोष – भारतीय आदर्शवादी विचारक

[Aurobindo Ghosh] अरविंद घोष - भारतीय आदर्शवादी विचारक

• अरविंद घोष का जीवन परिचय Aurobindo Ghosh Biography in hindi अरविंद घोष या महर्षि अरविन्द घोष (Aurobindo Ghosh) का जन्म 15 अगस्त 1872 को कोलकाता (बंगाल) में हुआ था। भारतीय आदर्शवादी विचारक अरविंदो घोष (Aurobindo Ghosh) ने अपनी कर्मभूमि पांडिचेरी को बनाया तथा कर्म क्षेत्र कवि, दार्शनिक एवं स्वतंत्रता सेनानी के रूप में रहे। Aurobindo …

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व्यवस्थापिका के कार्य | व्यवस्थापिकाओं के पतन के कारण

व्यवस्थापिका के कार्य बहुत कुछ सीमा तक शासन पद्धति के रूप पर निर्भर करते हैं। एकतंत्र, राजतंत्र या अधिनायकतंत्र में व्यवस्थापिका (Legislature) के कोई विशेष कार्य नहीं होते, किंतु लोकतंत्रात्मक राज्यों में व्यवस्थापिका की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। ब्रिटेन की राजव्यवस्था में तो व्यवस्थापिका की सर्वोच्चता का सिद्धांत स्वीकार किया गया है।  लोकतंत्रात्मक राज्यों …

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